Atmadharma magazine - Ank 224
(Year 19 - Vir Nirvana Samvat 2488, A.D. 1962)
(Devanagari transliteration).

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नवुं प्रकाशन
परमपूज्य गुरुदेवनी ७३मी जन्मजयंति उपर दिल्हीथी प्रकाशित संदेश तरफथी
सचित्र विशेष अंक पृ. संख्या १००, जेमां पूज्य कानजीस्वामी द्वारा महान धर्म
प्रभावना, तेमनो परिचय तथा खास महत्वपूर्ण लेखो छे. जे लेखो खास विद्वानो,
कविओ अने लेखको द्वारा लखायेल छे.
दरेक मुमुक्षुओए अवश्य वांचवा योग्य छे.
लेख हिन्दीमां छे. तेनी किंमत बे रूपीआ छे तो पण एक गृहस्थ तरफथी धर्म
प्रचार माटे एक रूपीओ राखेल छे. पोस्टेज अलग.
ठे. दि. जैन स्वाध्याय मंदिर सोनगढ, (सौराष्ट्र)
सुचना
चेक के ड्राफटथी नाणां मोकलनार भाईओए “श्री जैन स्वाध्याय मंदिर ट्रस्ट”
ए नामथी ज चेक के ड्राफटथी मोकलवा बीजा कोई पण नामे चेक ड्राफट न लखवा
विनंति छे.
ईन्दोरमां पु, गुरुदेव जन्मजयंति उत्सव
ता. प–प–६२ दि. जैन मुमुक्षुमंडळ तथा अन्य प्रतिष्ठित अग्रणी धर्मप्रेमीओ
द्वारा पू. गुरुदेवश्रीनी ७३मी जन्मजयंति खास महान उत्सवरूपे ऊजववामां आवी
हती. जेमां श्री बाबुलाल पाटोदी M.L.A. प्रमुखस्थाने बिराज्या हता. प्रमुखश्री तथा
माननीय पं. जी श्री बंसीधरजी सिद्धान्त शास्त्री, पं. रतनलालजी, श्री कोमलचंदजी
वकील, जैनरत्न श्री ईन्दौरीलाल बडजात्या एडवोकेट, श्री चंपावती मोदी साहित्यरत्न,
श्रीमान शेठ माणिकचंदजी शेठी ए सहुए अत्यंत रोचक वक्तव्य कर्युं. पछी सहुए परम
उपकारी पू. गुरुदेवश्रीना दीर्घायुनी कामना करीने तेमना प्रत्ये श्रध्धा व्यक्त करतो
प्रस्ताव कर्यो. भोपाळ (म. प्र) मां पण आवो उत्सव भव्य समारोहथी ऊजवायो.
–प्रकाशचंद्रजी पांड्या(ईन्दोर)
ब्रह्मचर्य प्रतिज्ञा
(१) राजकोट (सौराष्ट्र) श्री देवशीभाई जैन जेओ उत्तम भजनकार अने
व्याख्याता छे. तेओए तथा तेमनां धर्मपत्नी सौ. श्री केसरबेन पू. गुरुदेव पासे
वैशाख सुद रना रोज आजीवन ब्रह्मचर्य प्रतिज्ञा लीधी.
(२) गोंडळवाळा श्री केवळचंद कानजीभाई पारेख तथा तेमना धर्म पत्नी
सौ. रेवाकुंवरबेन बन्नेए पू. गुरुदेव पासे वैशाख सुद २ना रोज आजीवन ब्रह्मचर्य
प्रतिज्ञा लीधी. ते बदल धन्यवाद.
नवा प्रकाशन समाचार
जिनेन्द्र भजनमाळा–त्रीजी आवृत्ति, १प दिवस पछी मळशे. मोक्षमार्ग प्रकाशक–पांचमी
आवृत्ति, १प अथवा २० दिवस पछी मळशे. जिनेन्द्र पूजा संग्रह पृ. पर० तैयार छे.