बहेनश्रीनां वचनामृत
१७५
हालमां श्री कहानगुरुदेव शास्त्रोनां सूक्ष्म रहस्यो खोलीने मुक्तिनो मार्ग स्पष्ट रीते समजावी रह्या छे. तेओश्रीए पोतानां सातिशय ज्ञान अने वाणी द्वारा तत्त्व प्रकाशी भारतने जागृत कर्युं छे. गुरुदेवनो अमाप उपकार छे. आ काळे आवा मार्ग समजावनार गुरुदेव मळ्या ते अहोभाग्य छे. सातिशय गुणरत्नोथी भरपूर गुरुदेवनो महिमा अने तेमनां चरणकमळनी भक्ति अहोनिश अंतरमां रहो. ४३२.
❁