Benshreena Vachanamrut-Gujarati (Devanagari transliteration).

< Previous Page   Next Page >


Page 183 of 186
PDF/HTML Page 200 of 203

 

[ १८३ ]
आवी श्रावणनी बीजलडी
[रागरूपला रातलडीमां]

आवी श्रावणनी बीजलडी आनंददायिनी हो बेन,

सुमंगलमालिनी हो बेन!

जन्म्यां कुंवरी माता-‘तेज’-घरे महा पावनी हो बेन,

परम कल्याणिनी हो बेन!

ऊतरी शीतळतानी देवी शशी मुख धारती हो बेन,

नयनयुग ठारती हो बेन!

निर्मळ आंखलडी सूक्षम-सुमति-प्रतिभासिनी हो बेन,

अचलतेजस्विनी हो बेन!
(साखी)
मातानी बहु लाडिली, पितानी काळज-कोर;
बंधुनी प्रिय ब्हेनडी, जाणे चंद्र-चकोर.

ब्हेनी बोले ओछुं, बोलाव्ये मुख मलकती हो बेन,

कदीक फूल वेरती हो बेन!

सरला, चित्तउदारा, गुणमाळा उर धारिणी हो बेन,

सदा सुविचारिणी हो बेन!...आवी०
(साखी)
वैरागी अंतर्मुखी, मंथन पारावार;
ज्ञातानुं तल स्पर्शीने, कर्यो सफळ अवतार.

ज्ञायक-अनुलग्ना, श्रुतदिव्या, शुद्धिविकासिनी हो बेन,

परमपदसाधिनी हो बेन!

संगविमुख, एकल निज-नंदनवन-सुविहारिणी हो बेन,

सुधा-आस्वादिनी हो बेन!....आवी०