Chha Dhala-Gujarati (Devanagari transliteration).

< Previous Page   Next Page >


Page 203 of 205
PDF/HTML Page 225 of 227

 

background image
(४) आठमी पृथ्वी, ग्रंथ, ग्रंथकार, ग्रंथ छंद, ग्रंथ
प्रकरण, सर्वोत्तम तप, सर्वोत्तम धर्म, संयमनुं उपकरण, शुचिनुं
उपकरण अने ज्ञाननुं उपकरण वगेरेनां नाम बतावो.
(५) ध्यानस्थ मुनि, सम्यग्ज्ञान अने सिद्धनुं सुख
वगेरेना द्रष्टांत बतावो.
(६) छ ढाळना नाम, पींछी वगेरेनुं अपरिग्रहपणुं,
रत्नत्रयना नाम, श्रावकने नग्नतानो अभाव वगेरेनां फक्त
कारण बतावो.
(७) अरिहंत अवस्थानो वखत, अंतिम उपदेश,
आत्मस्थिरता वखतनुं सुख, केशलोचनो वखत, कर्मना नाशथी
उत्पन्न थता गुणोनो विभाग, ग्रंथ
रचनानो काळ, जीवनी
नित्यता तथा अमूर्तिकपणुं, परिषहजयनुं फळ, रागरूपी
अग्निनी शांतिनो उपाय, शुद्ध आत्मा, शुद्ध उपयोगनो विचार
अने हालत, सकलचारित्र, सिद्धोनुं आयुष्य, निवासस्थान तथा
वखत अने स्वरूपाचरणचारित्र वगेरेनुं वर्णन करो.
(८) सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, सम्यक्चारित्र, देशचारित्र,
सकलचारित्र, चार गति, स्वरूपाचरण चारित्र, बार व्रत, बार
भावना, मिथ्यात्व अने मोक्ष वगेरे विषयो उपर लेख लखो.
(९) दिगम्बर जैन मुनिना भोजन, समता, विहार
नग्नताथी हानि-लाभ, दिगंबर जैन मुनिने रात्रिगमननो
विधि अगर निषेध, दिगंबर जैन मुनिने घडियाळ, चटाई
छठ्ठी ढाळ ][ २०३