Parmatma Prakash (Gujarati Hindi) (Oriya transliteration). Gatha-172 (Adhikar 2).

< Previous Page   Next Page >


Page 496 of 565
PDF/HTML Page 510 of 579

background image
Shri Digambar Jain Swadhyay Mandir Trust, Songadh - 364250
ଶ୍ରୀ ଦିଗଂବର ଜୈନ ସ୍ଵାଧ୍ଯାଯମଂଦିର ଟ୍ରସ୍ଟ, ସୋନଗଢ - ୩୬୪୨୫୦
୪୯୬ ]ଯୋଗୀନ୍ଦୁଦେଵଵିରଚିତ: [ ଅଧିକାର-୨ : ଦୋହା-୧୭୨
ववहारि भवरहितात् शुभाशुभमनवचनकायव्यापाररूपव्यवहारविलक्षणाच्च स्वशुद्धात्मद्रव्यात्प्रति-
पक्षभूते पञ्चप्रकारसंसारकारणे व्यवहारे
तर्हि किं करोमिति चेत् बंभु ब्रह्मशब्दवाच्यं
स्वशुद्धात्मानं ज्ञात्वा कथंभूतं यत् पवंचहि जो रहिउ प्रपंचैर्मायापाखण्डैः यद्रहितम् सा
जाणिवि तं निजशुद्धात्मानं वीतरागस्वसंवेदनज्ञानेन ज्ञात्वा पश्चात्किं कुरु मणु मारि
अनेकमानसविकल्पजालरहिते परमात्मनि स्थित्वा शुभाशुभविकल्पजालरूपं मनो मारय
विनाशयेति भावार्थः
।।१७१।।
अथ
३०३) सव्वहिँ रायहिँ छहिँ रसहिँ पंचहिँ रूवहिँ जंतु
चित्तु णिवारिवि झाहि तुहुँ अप्पा देउ अणंतु ।।१७२।।
सर्वैः रागैः षड्भिः रसैः पञ्चभिः रूपैः गच्छत्
चित्तं निवार्य ध्याय त्वं आत्मानं देवमनन्तम् ।।१७२।।
ମନଵଚନକାଯାନା ଵ୍ଯାପାରରୂପ ଵ୍ଯଵହାରଥୀ ଵିଲକ୍ଷଣ ଏଵା ଶୁଦ୍ଧ ଆତ୍ମଦ୍ରଵ୍ଯଥୀ ପ୍ରତିପକ୍ଷଭୂତ ପାଂଚ
ପ୍ରକାରନା ସଂସାରନା କାରଣରୂପ ଵ୍ଯଵହାରମାଂ ପ୍ରଵର୍ତେ ଛେ! ହଵେ ହୁଂ ଶୁଂ କରୁଂ? ଏଵା ପ୍ରଶ୍ନନା ଜଵାବମାଂ
ଶ୍ରୀଗୁରୁ କହେ ଛେ କେ ‘‘ବ୍ରହ୍ମ’’ ଶବ୍ଦଥୀ ଵାଚ୍ଯ ଏଵା ସ୍ଵଶୁଦ୍ଧ ଆତ୍ମାନେ ଜାଣୀନେ-ଜେ ପ୍ରପଂଚଥୀ-ମାଯା
ପାଖଂଡଥୀ-ରହିତ ଛେ ତେ ନିଜଶୁଦ୍ଧଆତ୍ମାନେ ଵୀତରାଗ ସ୍ଵସଂଵେଦନରୂପ ଜ୍ଞାନଥୀ ଜାଣୀନେ ମନନା ଅନେକ
ଵିକଲ୍ପଜାଳଥୀ ରହିତ ପରମାତ୍ମାମାଂ ସ୍ଥିତ ଥଈନେ ଶୁଭାଶୁଭ ଵିକଲ୍ପଜାଳରୂପ ମନନେ ମାରୋ-ମନନୋ
ଵିନାଶ କରୋ, ଏ ଭାଵାର୍ଥ ଛେ. ୧୭୧.
ଵଳୀ, ହଵେ ଫରୀ ଏ ଜ ଵାତ କହେ ଛେ କେ ସର୍ଵ ଵିଷଯୋନେ ଛୋଡୀନେ ଆତ୍ମଦେଵନେ ଧ୍ଯାଵୋ :
जालरूप मनको मारो मनके बिना वश किये निर्विकल्पध्यानकी सिद्धि नहीं होती मनके
अनेक विकल्पजालोंसे जो शुद्ध आत्मा उसमें निश्चलता तभी होती है, जब कि मनको मारके
निर्विकल्प दशाको प्राप्त होवे इसलिये सकल शुभाशुभ व्यवहारको छोड़के शुद्धात्माको
जानो ।।१७१।।
आगे यही कहते हैं, कि सब विषयोंको छोड़कर आत्मदेवको ध्यावो
गाथा१७२
अन्वयार्थ :हे प्रभाकरभट्ट, [त्वं ] तू [सर्वैः रागैः ] सब शुभाशुभ रागोंसे, [षड्भिः
रसैः ] छहों रसोंसे, [पंचभिः रसैः ] पाँच रसोंसे [गच्छत् चित्तं ] चलायमान चित्तको [निवार्य ]
रोककर [अनंतम् ] अनंतगुणवाले [आत्मानं देवम् ] आत्मदेवका [ध्याय ] चिंतवन कर