[जीवस्य अजीवस्य तु] जीव अने अजीवना [ये परिणामाः तु] जे परिणामो [सूत्रे दर्शिताः]सूत्रमां दर्शाव्या छे, [तैः] ते परिणामोथी [तं जीवम् अजीवम् वा] ते जीव अथवा अजीवने[अनन्यं विजानीहि] अनन्य जाण.
[यस्मात्] कारण के [कुतश्चित् अपि] कोईथी [न उत्पन्नः] उत्पन्न थयो नथी [तेन] तेथी [सःआत्मा] ते आत्मा [कार्यं न] (कोईनुं) कार्य नथी, [किञ्चित् अपि] अने कोईने [न उत्पादयति]उपजावतो नथी [तेन] तेथी [सः] ते [कारणम् अपि] (कोईनुं) कारण पण [न भवति] नथी.