Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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स्तवनमाळा ][ १३७
मुक्तिना द्वार गुरुराजे उघाडीया,
धर्मस्तंभनां स्थापन करावीया;
जयकार जगते गवाय.....आज.
श्री गुरुराजना पगले पगले,
नवी नवी मंगळ प्रभा प्रकाशे;
नित नित वृद्धि थाय....आज. १०
श्री सुप्रभातस्तवन
(विदेहे वस्या भगवानराग)
आज ऊग्यो सोनेरी प्रभात,
धन्य सुप्रभात अहो!
श्री सीमंधरनाथ सुप्रभात अहो!
श्री गुरुदेवसूर्य सुप्रभात अहो!
श्री देवगुरु सुप्रभात......धन्य.
जिनशासनमांही सुप्रभात......धन्य.
जगतारणहार जिननाथ अहो!
परम प्रदीप परम दानी अहो!
महा कौतुकी भगवान......धन्य.
जगतदीवाकर देव अहो!
सुरनर पूजित पाद अहो!
अहो! करुणानिधि भगवान.....धन्य.
आज सोनेरी प्रभात गुरु आतममांही
ऊगी छे अनोखी गुरु चैतन्यमहीं,
मारा गुरुवरसूर्य सुप्रभात......धन्य.