पर पदार्थोथी संबंध छोडीने परमानंदमय स्व-स्वरूपमां लीन
थईने समतारसनुं पान करे छे अने छेवटे मोक्षसुखने प्राप्त करे
छे. २.
इन्द्रिय-भोग छिन थाई, सुरधनु चपला चपलाई. ३.
कुटुंबी, (आज्ञाकारी) आज्ञा उठावनार नोकर-चाकर अने
(इन्द्रिय-भोग) पांच इन्द्रियोना भोग ए बधा (सुरधन)
इन्द्रधनुष्य तथा (चपला) वीजळीनी (चपलाई) चंचळता-
क्षणिकतानी माफक (छिन थाई) क्षणमात्र रहेनारां छे.