(भेला) भेगां-एकरूप (नहिं) नथी, (भिन्न भिन्न) जुदांजुदां छे;
(तो) तो पछी (प्रगट) बहारमां प्रगटरूपथी (जुदे) जुदां देखाय
ते जीवादि सर्व पदार्थ जीवने ज्ञेयमात्र छे तेथी तेओ कोईपण
जीवना खरेखर सगां-संबंधी छे ज नहि, छतां अज्ञानी हवे
तेने पोताना मानी दुःखी थाय छे.
एकत्व मानी पोतानी निश्चयपरिणति द्वारा शुद्ध एकत्वनी वृद्धि
करे छे ते एकत्व भावना छे. ६.
तो प्रगट जुदे धन-धामा, क्यों ह्वै इक मिलि सुत-रामा. ७.