समयसार गाथा ८६ ] [ २३३
मिथ्याद्रष्टि छे. भाई! सत्य समजवुं होय तेना माटे आ न्यायथी -लोजीकथी सिद्ध थती वात छे. विषयवासनाना भाव पण जीव करे अने शरीरनी अवस्था थाय तेने पण जीव करे एम माने छे पण एम छे नहि. श्री मोक्षमार्गप्रकाशकना चोथा अधिकारमां मिथ्यादर्शननुं स्वरूप समजाव्युं छे. त्यां अति स्पष्ट कह्युं छे के-“ जीवने कषायभाव थतां शरीरनी चेष्टा पण ए कषायभाव अनुसार थई जाय छे जेम क्रोधादिक थतां रक्त नेत्रादि थई जाय, हास्यादिक थतां प्रफुल्लित वदनादिक थई जाय, अने पुरुषवेदादि थतां लिंगकाठिण्यादि थई जाय. हवे ए सर्वने एकरूप मानी आ एम माने छे के-‘ए बधां कार्य हुं करुं छुं” आ प्रमाणे निश्चयथी द्विक्रियावादी एम माने छे के आत्माना परिणाम अने पुद्गलना परिणामने स्वयं आत्मा करे छे. पण एम छे नहि. माटे आवुं माननार मिथ्याद्रष्टि ज छे एवो सिद्धांत छे.
हवे कहे छे-‘एक द्रव्य वडे बे द्रव्यना परिणाम करवामां आवता न प्रतिभासो. जेम कुंभार घडाना संभवने अनुकूळ पोताना (ईच्छारूप अने हस्तादिकनी क्रियारूप) व्यापारपरिणामने-के जे पोताथी अभिन्न छे अने पोताथी अभिन्न परिणतिमात्र क्रियाथी करवामां आवे छे तेने-करतो प्रतिभासे छे, परंतु घडो करवाना अहंकारथी भरेलो होवा छतां पण (ते कुंभार) पोताना व्यापारने अनुरूप एवा माटीना घट-परिणामने -के जे माटीथी अभिन्न छे अने माटीथी अभिन्न परिणतिमात्र क्रियाथी करवामां आवे छे तेने-करतो प्रतिभासतो नथी.’
कुंभार घडानी उत्पत्तिने अनुकूळ छे. ते पोतानी पोताथी अभिन्न एवी रागादि क्रिया करे, पण घडानी क्रियाने ते करी शकतो नथी. जुओ, आ भेदज्ञाननी वात छे. घडो माटीए कर्यो छे. माटीमां घडो थवानो काळ हतो, घडानी उत्पत्तिनी जन्मक्षण हती तो घडो माटीमांथी नीपज्यो छे; कुंभारे तेमां कांई कर्युं नथी. स्त्रीओ शीरो बनावे, हलवो, बनावे, सेव बनावे- त्यां लोको एम कहे छे के बाई होशियार होय एने हळवा हाथे करे तो सारुं बने. अहीं कहे छे के ए वात तद्दन जूठी छे. अरे भाई! सेव बनी ते बाईना हाथथी बनी नथी, पाटियाथी बनी नथी अने पाटिया नीचे जे खाटलो होय एनाथी पण बनी नथी. सेव बनवानी जे क्रिया थई एमां कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान अने अधिकरण-ए छ ये कारक पोतामां पोतानां होय छे अने ए वडे सेव बनी छे.
आ चोखा पाके छे ते पाणीथी पाके छे एम नथी. पाणी पोतानी उष्ण पर्यायने करे अने चोखाने पकववानी क्रिया पण करे एम बनतुं नथी. चोखामां पाकवानो काळ हतो तो ते पोताना काळे पाकीने तैयार थया छे. पाणीथी चोखा पाकया छे ज नहि. अरे, पाणी तो चोखाने अडयुंय नथी.