Pravachan Ratnakar-Gujarati (Devanagari transliteration).

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२०६ [ समयसार प्रवचन

छे. आवी वात छे. एक वात फरे तो आखी वात फरी जाय छे. वेदांत एक ज कहे छे. पण एक छे एनो निर्णय कोणे कर्यो? पर्याये. तो पर्याय छे के नहीं? पर्याय छे, पण ते आश्रय करवा लायक नथी. आश्रय करनार तो पर्याय छे.

अहीं कहे छे चैतन्यमात्र एकरूप स्वभावनो अनुभव करतां एटले चैतन्यमात्र-वस्तुनुं पर्यायमां वेदन करतां अर्थात् आनंदनुं वेदन पर्यायमां आवतां ए प्रत्यक्ष-परोक्ष प्रमाण अने नयना विकल्पो-ए बधुं जूठुं छे. [आगळ (नयोना भेदोनी चर्चामां) जे ‘अनुभव’ शब्द हतो एमां तो जाणवानी अपेक्षा हती.] भेदथी जोतां ए साचा छे, पण अभेदमां भेद देखाता नथी एथी ते असत्यार्थ छे. अभेदमां भेद देखाय तो अभेद रहे नहीं. भेदना लक्षे ज भेद देखाय.

पहेलां प्रमाणनी वात करी, पछी नयनी करी हवे निक्षेप संबंधी कहे छे. निक्षेपना चार भेद छेः नाम, स्थापना द्रव्य अने भाव.

वस्तुमां जे गुण न होय ते गुणना नामथी व्यवहारे संज्ञा करवी ते नाम निक्षेप छे. जेमके कोईनुं नाम महावीर राखवामां आवे ए नाम निक्षेप छे. ‘आ ते छे’ एम अन्य वस्तुनुं अन्य वस्तुमां प्रतिनिधित्व स्थापित करवुं-प्रतिमारूप स्थापना करवुं ते स्थापना निक्षेप छे. वर्तमानथी अन्य एटले के अतीत अथवा अनागत पर्यायथी वस्तुने वर्तमानमां कहेवी ते द्रव्य निक्षेप छे. भविष्यमां तीर्थंकर थवाना होय तेने वर्तमानमां तीर्थंकर कहेवा ते द्रव्य निक्षेप छे. चोवीस भगवान थई गया. ए तो हमणां सिद्धपणे छे. छतां ‘लोगस्स’ मां चोवीस तीर्थंकरनी स्तुति जे कहेवामां आवे छे ते द्रव्य निक्षेप छे. वर्तमान पर्यायथी वस्तुने वर्तमानमां कहेवी ते भाव निक्षेप छे. जेमके वर्तमानमां कोई जीवने केवलज्ञान अने परमात्मदशा छे एने ए रीते वर्तमानमां जाणवुं ए भाव निक्षेप छे.

ए चारेय निक्षेपोनो पोतपोताना लक्षणभेदथी अनुभव (ज्ञान) करवामां आवतां तेओ भूतार्थ छे. ज्ञाननी अपेक्षाए ए चारेय प्रकारनुं ज्ञान करवुं ए बराबर छे; पण वस्तुस्थितिए नहीं; भिन्न एटले के जे नाम, स्थापना, द्रव्य अने भाव ए चार लक्षणोथी रहित एक पोताना चैतन्यलक्षणरूप जीवस्वभावनो अनुभव करतां ए चारेय अभूतार्थ छे, असत्यार्थ छे, जूठा छे. नाम, स्थापनादि ए तो ज्ञेयना भेदो छे. ज्ञाननी पर्यायमां ज्ञेयनो भेद मालूम पडवो ए विकल्प छे, राग छे. पर्यायमां ए चार निक्षेपोने जाणवा ए अपेक्षाए ए चार छे, पण चैतन्यलक्षणरूप निज एकरूप ज्ञायकभावनो अनुभव करतां चारेय जूठा छे.