Pravachan Ratnakar-Gujarati (Devanagari transliteration).

< Previous Page   Next Page >


PDF/HTML Page 247 of 4199

 

२४० [ समयसार प्रवचन

केवळज्ञानथी दूर थई गया, अने त्यारपछी पण मनुष्य थईने मोक्षे जशे. भाई! वीतराग परमेश्वरनो मार्ग कोई जुदी चीज छे. निर्ग्रंथ मुनिराजने बीजा धर्मात्मा उपर लक्ष गयुं एना फळमां केवळज्ञानथी दूर थई, तेत्रीस सागरोपमनुं सर्वार्थसिद्धिना आयुष्यनुं बंधन थयुं. एक सागरमां दश क्रोडाकोडी पल्योपम जाय, अने एक पल्योपमना असंख्य भागमां असंख्य अबजवर्ष थाय.

प्रश्नः– आ शुं बहु मोटो दंड नथी? काकडीना चोरने शुं फांसीनी सजा नथी.?

उत्तरः– ना. ए शुभभावनुं फळ ज संसार छे.

त्रिलोकनाथ तीर्थंकरदेव सर्वज्ञ परमात्मा भावलिंगी संतने एम कहे छे के तारी दशा अंतर अवलंबनथी जेटली निर्मळ थई ए मोक्षपंथ छे, अने दशामां जेटलो परलक्षी पांच महाव्रतनो, २८ मूळगुणना पालननो राग उत्पन्न थाय छे ए जगपंथ छे, संसार छे. लोको स्त्री, कुटुंब-परिवारने संसार माने छे, पण खरेखर ए संसार नथी. ए तो बधी पर चीज छे आत्मानो संसार बहारमां नहीं, पण अंदर एनी दशामां जे मिथ्या श्रद्धा, राग अने द्वेष छे, ते छे. जो स्त्री, पुत्र, परिवार आदि संसार होय तो मरण थतां ए सघळां तो छूटी जाय छे तो शुं ए संसारथी छूटी गयो? ना. ए बधां संसार नथी. ‘संसरणम् इति संसारः’ भगवान एम कहे छे के तारी चीज जे चिदानंदघन छे एमांथी खसी तुं जेटलो मिथ्यात्व, राग अने द्वेषमां आव्यो ए संसार छे.

अतीन्द्रिय आनंदरूप अनुभवथी छूटी भावलिंगी संत छठ्ठे गुणस्थाने आवे छे ए प्रमाद छे. विकल्प जे ऊठे छे ते आळस छे. भाई! तुं स्वरूपनी साची श्रद्धा तो कर. श्रद्धामां गोटाळा हशे तो तारा आरा नहीं आवे, संसारमां रखडवानुं ज थशे. पागल-मोह-घेली दुनिया गमे ते कहे, एनां सर्टिफिकेट काममां नहीं आवे.

भगवान त्रिलोकीनाथ दिव्यध्वनि द्वारा इन्द्रो अने गणधरोनी वचमां एम कहेता हता के भगवान आत्मा पोते एकांत बोधरूप, सहज, अनाकुळ आनंदस्वरूप, वीतराग-स्वभावी छे. एवा आत्मानो आश्रय लेतां जे निर्विकल्प वीतरागी पर्याय उत्पन्न थाय, ते शिवपंथ छे, अने परना लक्षे जेटलो राग थाय ते प्रमाद छे, अनुभवमां शिथिलता छे. एटलो शिवपंथ दूर छे.

मृगनी नाभिमां कस्तुरी छे एनी एने खबर नथी. तेनी सुवास बहारथी आवे छे एम जाणी ए ज्यां छे त्यां जोतो नथी. पण बहार शोधे छे. एम अज्ञानी जीव जाणे ज्ञान अने आनंद परमांथी आवे छे एम बहार शोधे छे, परंतु ज्यां छे, त्यां अंदर