Pravachan Ratnakar-Gujarati (Devanagari transliteration).

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गाथा २०-२१-२२ ] [ ६७ ना केम पाडो छो? भाई, ए तो शब्दोनी शक्तिथी टीका थई छे; मारा विकल्प अने मारी शक्तिथी नहि. पंचास्तिकाय, प्रवचनसारमां बधे छेल्ला कळश छे एमां आ कहे छे के आ टीका में करी अने टीका द्वारा तने ज्ञान थाय एवा भ्रम न करीश.

पहेलां सामान्य लीधुं के हुं आ छुं अने आ मारां छे. पछी त्रणकाळनुं लीधुं. वर्तमानमां आ मारां छे अने हुं एनो छुं; भूतकाळमां आ मारां हतां अने हुं एनो हतो; भविष्यमां आ मारां थशे अने हुं एनो थईश, छोकराओने अमे पाळी पोषी मोटा कर्या, हवे अमे घडपणमां निरांते रहीशुं. आपणने छोकराओ पोषशे. कोने पोषशे? तने के एने? भारे वात, भाई! आ तो संसारनुं नाटक छे. अरे भाई! तने भ्रमणा छे. नाथ! तुं तो सर्वज्ञस्वभावी छे. दरेक आत्मा सर्वज्ञस्वभावरूप ज छे. एनो अर्थ ए थयो के ए स्वने अने परने जाणवाना परिणमनवाळो छे. ए स्व अने पर बे एक छे एम नहि. स्वना ज्ञानरूपे अने परना ज्ञानरूपे परिणमवुं एवो स्वपरप्रकाशक एनो स्वभाव छे. सर्वज्ञनी परिणति पर्यायमां जे प्रगटे ते पहेलां श्रद्धामां एम आव्युं हतुं के हुं तो सर्वज्ञस्वभावी छुं. तेथी श्रद्धाना बळे सर्वज्ञदशा प्रगट करी. ए श्रद्धा सर्वज्ञ- स्वभावी आत्मानी छे, अल्पज्ञ के रागवाळा आत्मानी नहि. आवो उपदेश छे, भाई! मार्ग तो आ छे.

केटलाक एम माने के अमे तो एवी उपदेश शैली करीए के धीमेथी बोलवुं होय तो धीमेथी बोलीए, ताणीने बोलवुं होय तो ताणीने बोलीए. बीजाने खंखेरीए, वळी कोई एक जण एम कहेतुं हतुं के अमारी पासे पैसा नथी पण एवो उपदेश आपीए के लोकोना पैसा खंखेरी नाखीए. अरे भगवान! शुं करे छे तुं आ? भाई, तारुं स्वरूप ए (उपदेश) नहि. उपदेश हुं करुं छुं ए तो परने पोतानुं मान्युं छे. गजब वात, बापु! में पूर्वे उपदेश कर्यो हतो एनाथी बधा समज्या, मारा उपदेशनुं ए फळ आव्युं एम माननार परद्रव्यने पोतानुं माने छे अने पोताने परद्रव्यरूप माने छे.

प्रश्नः–एवो निमित्त-नैमित्तिक संबंध तो छे?

उत्तरः–ए तो जाणवा माटे छे, पण (निमित्तथी कार्य थाय एम) मानवा माटे नथी. स्वयंभूस्तोत्रमां गाथा ७३ मां धर्मनाथ भगवाननी स्तुतिमां आवे छे के-प्रभु! आपनी वाणीमां उपदेश नीकळ्‌यो पण धर्म कोई पाम्या के नहि तेनुं फळ आपे न जोयुं. आपे उपदेश आप्यो पण आमांथी धर्म कोण पाम्या ए आपे न जोयुं. एनो अर्थ ए के पामनारा पामे ए तो केवळज्ञानमां पहेलेथी जणाई गयुं छे. एम समक्तिी पण, मारा उपदेशथी आटला पाम्या ए फळ जोता नथी. उपदेश ज मारो नथी ने भाई, परचीजथी भिन्नतानी वातो झीणी छे.