२४८ ] [ प्रवचन रत्नाकर भाग-३ उत्पाद करवानी अयोग्यता छे.’ तथा त्यां तो छेल्ले एम लीधुं छे के-‘कुंभार घडानो उत्पादक छे ज नहि.’
प्रश्नः– परंतु कार्यमां बे कारण होय छे ने?
उत्तरः– भाई! आ गाथामां कयां बे कारण लीधां छे? बीजुं कारण (निमित्त कारण) तो उपचार-आरोप करीने एनुं ज्ञान कराववा कह्युं छे.
खरेखर तो निश्चय अने व्यवहार-मोक्षमार्ग पण ध्यानमां प्रगट थाय छे. माटे व्यवहारथी निश्चयमोक्षमार्ग थाय छे ए वात ज रहेती नथी. द्रव्यसंग्रहनी गाथा ४७मां कह्युं छे के-‘दुविहंपि मोक्खहेउं झाणे पाउणदि जं मुणी णियमा।’ (ध्यान करवाथी मुनि नियमथी निश्चय अने व्यवहाररूप मोक्षमार्ग पामे छे.) बे प्रकारनुं मोक्षनुं कारण (मोक्षमार्ग) ध्यानमां प्रगट थाय छे. एटले के निज चैतन्यनो आश्रय करतां जे निश्चय मोक्षमार्ग प्रगटे छे ते ज काळे जे राग बाकी छे तेने आरोपथी व्यवहारमोक्षमार्ग कहेवाय छे. तेथी व्यवहारमोक्षमार्गथी निश्चयमोक्षमार्ग प्रगटे छे एम ज नहि; केम के बन्ने एक साथे प्रगट थाय छे. आनंदनो नाथ भगवान आत्मा छे. तेने ध्येय बनावी स्वाश्रये ध्यान करतां निश्चय-मोक्षमार्ग प्रगटे छे. ते ज काळे जे राग बाकी रहे छे तेने व्यवहार कहेवामां आवे छे. तेथी व्यवहार अने निश्चय आगळ-पाछळ छे एम नथी. माटे व्यवहारथी निश्चय थाय छे एम मानवुं यथार्थ नथी.
प्रश्नः– परंतु अहीं तो देशनालब्धि मळतां अज्ञान दूर थाय छे एम लख्युं छे ने?
उत्तरः– भाई! ए तो निमित्तनुं ज्ञान कराववानी वात छे. ए तो त्यां एम समजाव्युं छे के सम्यग्दर्शन थवा पहेलां देशनालब्धि होय छे, बस एटलुं; परंतु तेथी करीने एनाथी (देशनालब्धिथी) सम्यग्दर्शन थाय छे एम नथी. तथा ज्यारे परनुं लक्ष छोडीने स्वमां जाय छे त्यारे गुरुना उपदेशने निमित्त कहेवामां आवे छे.
कह्युं ने के-सर्वद्रव्योने अन्य द्रव्य साथे उत्पाद्य-उत्पादकभावनो अभाव छे. एटले बीजी चीज जीवनी पर्यायने करे के परनी पर्याय उत्पन्न करवाने जीव लायक थाय-एवा भावनो अभाव छे. नहींतर तो बे द्रव्यो वच्चे कारण-कार्यभाव सिद्ध थई जाय. पण तेनी तो अहीं ना पाडे छे. अने तेथी जीव अने अजीवनुं (परस्पर) र्क्ताकर्मपणुं सिद्ध थतुं नथी. एटले के जीवनुं कार्य राग छे अने रागथी जीवनुं कार्य थाय छे एम सिद्ध थतुं नथी. जीव पोतानां परिणामने अन्यनिरपेक्षपणे पोते र्क्ता थईने करे छे. जीव अजीवनुं कार्य करे अने अजीव जीवनुं कार्य करे ए वात त्रणकाळमां छे ज नहि. गाथा ३७२मां कह्युं छे ने के-‘सर्वद्रव्योने निमित्तभूत अन्यद्रव्यो पोताना