Pravachan Ratnakar-Gujarati (Devanagari transliteration).

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४४ ] [ प्रवचन रत्नाकर भाग-४ भुक्का थई जाय छे. ए व्यवहारथी वात करी छे. आत्मदर्शनथी कर्मनो नाश थाय एमां जिनबिंबदर्शन निमित्तमात्र छे.

द्रव्य, गुण अने पर्याय त्रणेमां अकार्यकारणशक्ति व्यापेली छे. द्रव्य अने गुण तो रागनुं कारण नथी अने रागनुं कार्य पण नथी. पण द्रव्य-स्वभावनी सन्मुख थतां जे निर्मळ पर्याय प्रगट थई ते पण कोईनुं कारण नथी, कार्य पण नथी. जे निर्मळ ज्ञाननी पर्याय प्रगटी एमां पण अकार्यकारणशक्ति व्यापी छे.

प्रश्नः– आत्मा रागनुं कारण नथी तो मंदिरो बंधाववां, महोत्सवो उजववा इत्यादि रागनां काम केम करो छो?

उत्तरः– अरे भाई! राग थाय छे, एने करवानी वात ज कयां छे? अने मंदिरो तो निर्मित थवा काळे एना कारणे एनाथी थाय छे. एने कोण करे? शुं आत्मा करे? (ना). ए मंदिरो बनवाना काळे शुभभाव होय छे ते एमां निमित्त छे, निमित्त-कर्ता नहि. निमित्त जुदी चीज छे अने निमित्त-कर्ता जुदी चीज छे. जयसेनाचार्यनी टीकामां आ वात छे. जगतमां मंदिर आदि पदार्थोमां जड रजकणो परिणमे, जडनी पर्याय थाय एमां आत्मा निमित्त छे, निमित्त-कर्ता नथी. आखा लोका-लोकने केवळज्ञान निमित्त छे अने केवळज्ञानमां लोकालोक निमित्त छे. ए तो एनी उपस्थिति छे, हाजरी छे एनुं त्यां ज्ञान कराव्युं छे.

जुओ! हाथनी आंगळी आम-तेम हाले तेनो निमित्त-कर्ता कोण? जे जीव राग अने जोगनो कर्ता थाय एवो पर्यायबुद्धि जीव तेनो निमित्त-कर्ता छे. हाथनी अवस्था तो तेना काळे जे थवानी होय ते थाय छे. परंतु अज्ञानी जीव जोग अने रागनो (करवाना अभिप्रायथी) कर्ता थाय छे. माटे तेना जोग अने रागने ते पर्यायनो निमित्त-कर्ता कहेवामां आवे छे.

अहीं कहे छे के-मंदिर थाय, राग थाय, छतां ए राग अने मंदिरनो कर्ता आत्मा नथी. वाह! करे ने कर्ता नहि! अरे! कोण करे छे? अज्ञानीने भ्रम पडे छे के आ क्रिया थवा काळे मारुं निमित्तपणुं छे माटे त्यां कार्य थाय छे. अज्ञानी (पोताने) निमित्त-कर्ता माने छे. पर वस्तुमां कार्य थाय एमां ज्ञानी तो निमित्तमात्र ज छे, निमित्त-कर्ता नहि.

भगवाननी प्रतिमा शांत-शांत-शांत एवा उपशमरसनो कंद होय छे. जोतां वेंत ज ठरी जवाय, आनंदविभोर थई जवाय-एवी ए प्रतिमाने मुगट पहेरावे अने आंगी लगावे तो ए जिनबिंब नथी. आ तो न्यायथी वात छे. अहीं कोई पक्षनी वात नथी. भाई! आ त्रीजा बोलमां बहु सूक्ष्म सिद्धांतनुं निरूपण छे. मंदिर बनाववाना शुभभाव होय छे, मंदिर एना थवा काळे एना कारणे थाय छे. परंतु ए