Pravachan Ratnakar-Gujarati (Devanagari transliteration).

< Previous Page   Next Page >


PDF/HTML Page 971 of 4199

 

समयसार गाथा ८४ ] [ १९९

बे कारण कह्यां छे ने?

हा, एक यथार्थ कारण छे अने बीजुं उपचारथी कारण छे. अज्ञानी व्याप्यव्यापकपणे रागने करे छे. रागनो व्यापक आत्मा अने राग एनुं व्याप्य एम अज्ञानपणे छे. ते राग नवा कर्मबंधमां निमित्त छे. त्यां निमित्त देखीने में कर्म बांध्यां एम अज्ञानी माने छे. अज्ञानीए कर्या छे तो राग-द्वेष; तथापि कर्मबंधने में कह्युं एवो तेनो जे विकल्प छे ते उपचार ज छे, परमार्थ नथी. आ वात गाथा १०प मां आवे छे.

जडकर्मना बंधनी पर्यायनो कर्ता आत्मा छे एम बीलकुल छे ज नहि. कर्मबंधनी जे पर्याय थई ते पुद्गलजनुं व्याप्य छे अने पुद्गल तेमां व्यापक एटले कर्ता छे. ए आत्मानं व्याप्य कर्म छे ज नहि. अज्ञानी जेटला रागद्वेष करे तेटला प्रमाणमां नवा कर्मनो बंध थाय छे. त्यां रागद्वेषमां अज्ञानीने व्याप्यव्यापकपणुं छे पण कर्मबंध साते एने व्याप्यव्यापकपणुं नथी. अज्ञानी रागादि करे छे, पण कर्मबंधननुं काम करे छे एम छे ज नहि. अहीं तो एम सिद्ध करवुं छे के जे राग-द्वेषने उपादेय मानीने परिणमे छे. एवा अज्ञानीनुं परिणमन नवा कर्मबंधनमां निमित्त थाय छे. अरे! जेने भगवान आत्मा हेय थई गयो छे एवो अज्ञानी जीव नवन कर्मबंधननुं निमित्त थाय छे. अरे प्रभु! आवो अवता मळ्‌यो एमां पोतानी शुद्ध त्रिकाळी चीजनी द्रष्टि न थई तो तारा उतारा कयां थशे? पछी तने शरण नहि मे हों! भगवान! हमणां ज आ समजण करी लेवा योग्य छे.

कहे छे-अंदरमां व्याप्यव्यापकभावथी माटी घडाने करे छे अने भाव्यभावकभावथी माटी ज घडाने भोगवे छे. जुओ, माटी ज घडानो कर्ता अने भोक्ता छे, कुंभार नहि. माटी कर्ता थईने घडारूप कार्यने करे छे अने माटी पोते भाव्य नाम भोगववा योग्य घडारूप पर्यायने भावकपणे भोगवे छे. श्री अकलंकदेव तत्त्वार्थराजवार्तिकमां आ वात लीधी छे के पुद्गल पण पुद्गलने भोगवे छे. पुद्गलमां पण भोक्ता नामनी शक्ति छे. पुद्गल पोतानी पर्यायने करे छे अने पोतानी पर्यायने भोगवे छे. अहाहा...! जैनदर्शन बहु सूक्ष्म छे भाई! ते समजवा उपायोग सूक्ष्म राखीने घणो प्रयत्न करवो जोईए. अनंतकाळमां पोतानी वास्तविक चीज शुं छे ते लक्षमां लीधुं नथी एटले दुर्लभ लागे पण अशकय नथी; दुर्लभ तो छे.

माटी घडानी पर्यायने करे छे अने माटी घडानी पर्यायने भोगवे छे. अहीं घडानी पर्याय माटी अंतर्व्यापक कहेल छे एटले बाह्यव्यापक बीजी चीज छे एम अर्थ नथी. बहारमां बीजी चीज-कुंभार तो पोतामां व्याप्यव्यापकभावथी घडानी उत्पत्तिने अनुकूळ एवा, ईच्छारूप अने हस्तादिनी क्रियारूप, पोताना व्यापारनेकरे छे अने घडा वडे करेलो पाणीनो जे उपयोग तेनाथी उपजेली तृप्तिने भाव्यभावकभावथी भोगवे छे.