भजनमाळा ][ ११७
श्री जिनवर – स्तुति
(दादरा भैरवी)
मेरी ओर निहारो प्रभु, मैं चरणोंका दास भया...
तुम बिन आन देव संग मेरा अबतक बहुत अकाज भया....१
त्रिभुवनमें तारक तुम ही हो, मो उर निश्चय आज भया....२
काललब्धितैं अब तुम भेटो तुम्हें देख भ्रम भाज गया....३
बलदेव तुम्हारी शरण ग्रही है तुम्हें फरस मैं निहाल भया....४
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श्री जिनेन्द्र – भजन
मेरी सूरत प्रभु तुमसे लागी,
महर करोगे मो माउं जी....
आन देव मैं भूले रे सैये,
अब ना उनके संग जाउं जी.... १
पाय परुं मैं करुं विनति,
उर बिच आनंद अति पाउं जी.... २
पद्मासन लख प्रीति बढाउं,
हाथ जोड कर शीर नाउं जी.... ३
अष्ट द्रव्य ले पूजा रचाउं,
ये अवसर मैं नित चाहूं जी.... ४
दास कहे प्रभु तुम को पूजुं,
शिवरमणी को वर चाहूं जी.... ५