Shri Jinendra Bhajan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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भजनमाळा ][ १२१
आनंद मंगल
आनंद मंगल आज हमारे....आनंद मंगल आज जी....
श्री जिन चरण कमल परसत ही विघन गये सब भाजजी....
सफल भई अब मेरी कामना सम्यक् हिये बिराज जी....
नैन वचन मन शुद्ध करन को भेटे श्री जिनराजजी....
जिनवर देवनुं शरण
आज म्हारे जिनवरजीको शरणो, आज म्होर जिनवरजीको शरणो,
सुंदर मूरत प्रभुजी की कहिये नित उठ दर्शन करणो....
धन दौलत और माल खजाना इन को म्हारे कांई करणो....
अब सेवक हितकर गुण गावे भवदधि पार उतरणो....
श्री देव...गुरु...धार्मनो मिलाप
बन्यो म्हारे याही घडीमें रंग, बन्यो म्हारे यही घडीमें रंग....
श्री जिन राज दयानिधि भेटे हर्ष भयो उर अंग....बन्यो०
श्री गुरु राज बहु श्रुतधारी आतम सुख अनंग....बन्यो०
तत्त्वारथ की चरचा पाई साधर्मी को संग....बन्यो०
ऐसी विधि मोहे भवभव दीजो धर्म प्रसाद अभंग....बन्यो०