Shri Jinendra Bhajan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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भजनमाळा ][ १२३
कोड दिवाकर कोड निशाचर,
तिन दूति तैं अधिकाय....बिन देख्यां०
नेम दरशवा जो उर धारे,
भव समुद्र तर जाय....बिन देख्यां०
श्री समवसरणस्तवन
अहो! समोसरण सोहामणां रे.....
श्री जिनवरदेवनां धाम....अहो......
समोसरण रचना विदेहमां रे,
जिहां बिराजे सीमंधरनाथ अहो....
सुवर्णपुरे समोसरण आविया रे,
जिन वैभव मंगळकार....अहो....
जिनभूमि सोहे रळियामणी रे,
अष्ट भूमिनी शोभा अपार....अहो....
तुज पासे शोभा मळी सामटी रे,
तुज महिमा तणो नहि पार....अहो....
सर्व वस्तु जगनी चरणे नमे रे,
प्रभु त्रण भुवनना नाथ....अहो....
प्रभु आत्मानंदे बिराजता रे,
गंधकुटि थकी असंग....अहो....