Shri Jinendra Bhajan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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१३० ][ श्री जिनेन्द्र
देवेन्द्रो गगनमां चालीया रे,
एनुं आश्चर्य भरते थाय....वीर जन्म ५.
मेरुए अभिषेक करावीया रे,
तांडवनृत्य थाय पिता द्वार....वीर जन्म ६.
श्री वीर जिनेन्द्र जनमिया रे,
अहो त्रण भुवनना नाथ....वीर जन्म ७.
वीर प्रभुए तपश्चर्या आदरी रे,
प्रगटाव्या केवळज्ञान....वीर जन्म ८.
वीर दिव्य ध्वनिना सूर छूटीया रे,
तर्या अनंत जीवोनां वृंद....वीर जन्म ९.
प्रभु वृद्धि दीसे तुज शासने रे,
कहान गुरुनो थयो अवतार....वीर जन्म १०.
जेणे हलाव्या आखा हिंदने रे,
वळी वहाव्या सत्ना समुद्र....वीर जन्म ११.
शासनवृद्धि दिन आजनो रे,
नित्य वधतां देखुं गुरुदेव....वीर जन्म १२.
आज मंगळ दिन अहो ऊगीयो रे,
गुरु चिदात्मे मंगळमाळ....वीर जन्म १३.
प्रभु वंदन करुं छुं तुज चरणमां रे,
नाथ शरणे राखो दिनरात....वीर जन्म १४.