Shri Jinendra Bhajan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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डगले पगले रंग रंगथी जनमोत्सव सौ म्हाले,
स्वाध्याय मंदिरजिनमंदिरमां हर्षनाद गजावे रे....ए.....
कहानना ए जन्मने...२
घननन नादे गगन गजावी आनंद भेरी बजावे,
अनेक ज्योति झगमग झगमग दीपकमाला झबके रे....ए...
कहानना ए जन्मने....३
कुंदकुंद प्रभु आशिष आपे, देवों पुष्प वधावे,
उमंग भर्यां भक्तोनां हैयां गुरुदेव
अभिनंदे रे...ए....
कहानना ए जन्मने....४
जन्म वधाई सूणतां आवे देशोदेश संदेशा,
चीरंजीवो...चीरंजीवो, चीरंजीवो...गुरुदेवा रे....ए....
जयजय होजो जयजय होजो, जयजय तारी जगमां रे....ए....
कहानना ए जन्मने.....५
श्री जिनवाणीमाताभजन
जय जिनवाणी, जय जिनवाणी जय जिनवाणी, माता....
भव भव होजो भक्ति तुमारी, आतमकी तुं दाता...जय०
आतम रक्षक आतम पोषक, आनंद रस पानारी,
धर्मतरुवर पोषक करके, मुक्ति फल देनारी...जय०
नित नित सुधापान कराती भव्य जीवों को भारी,
जगत जनेता साची पण तुं जन्म विनाशनहारी...जय० २
१४४ ][ श्री जिनेन्द्र