Shri Jinendra Bhajan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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विघ्न हारि त्रिपुरारि नमामि, गुन अपार जितमार नमामि;
निर्विकल्प निर्द्वंद नमामि, जय नाशन भवकंद नमामि. ७.
अक्षातीत यतीश नमामि, वीत शोक जित भीत नमामि;
शाश्वत सुखित सुखेश नमामि, अघहन वृष चक्रेश नमामि. ८.
अव्याबाध अछेद नमामि, जय निर्मल निर्वेद नमामि;
स्वयंबुद्ध अविरुद्ध नमामि, सदा शुद्ध जित क्रोध नमामि. ९.
सुख अनंत भरपूर नमामि, ज्यो जगत दुःखचूर नमामि;
असमशक्ति अव्यक्त नमामि, मुक्ति-रमनि-संसक्त नमामि. १०.
रहित-आदि-मध्यांत नमामि, भव-दवाग्नि उपशांत नमामि;
हरन-अविद्या-ध्वांत नमामि, अनेकांत एकांत नमामि. ११.
जित विस्मय निश्चिंत नमामि, सूक्ष्म अमन निःसंग नमामि;
सदा प्रकाश विव्यक्त नमामि, धीश्वर केवलव्यक्त नमामि. १२.
श्रीधर श्री विमलाभ नमामि, चतुरानन वर भाग नमामि;
कृष्ण-पुंडरीकाक्ष नमामि, विश्वंभर पुरुदेव नमामि. १३.
जगत-जीव-हितहेत नमामि, कमलासन वृषकेत नमामि;
ज्ञानईश ध्यानेश नमामि, जोग ईश भोगेश नमामि. १४.
धाम तीन जगशीश नमामि, अचल प्रान चतुईश नमामि;
जय अनंत भगवंत नमामि, सुख अनुपम विलसंत नमामि. १५.
जगदाधार अपार नमामि, तत्त्व-भेद विस्तार नमामि;
अशरन शरन सुसंत नमामि, जग अहंत अरहंत नमामि. १६.
अनुपम रूप अरूप नमामि, तत्त्वभूप चिद्रूप नमामि,
भजनमाळा ][ १४९