Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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स्तवनमाळा ][ १४५
श्री विदेहक्षेत्रमांही, सीमंधरनाथ बिराजे (२)
अमीद्रष्टि वरसावे, श्री मंगळ विधिमांही. श्री.
आ पंचकल्याणकमांहीश्री. ५.
वीतराग स्वरूप बताव्युं; श्री कहानगुरुदेवे (२)
जिनवर वैभव बताव्या, जिनस्तंभने थंभावीयाश्री. ६.
श्री जिनवर लोचन सोहे, गुरुदेवनां मनडां मोहे (२)
जिनेन्द्र पधार्या द्वारे, तुज महिमा अद्भुत आजेश्री. ७.
श्री देवगुरु महिमानो, जयकार गगने गाजे (२)
अंतर सेवकनां नमतां, श्री गुरुवरना चरणोंमांश्री. ८.
श्रीस्तवन
(रागभेटे झूले छे तलवार)
आज ऊग्यो सुमंगळ प्रभात.
स्वर्णे प्रभात प्रकाश्या,
विदेहे वस्या भगवान,
भरते भानु प्रकाश्या.
परसंग त्यागी, परम वैरागी,
जगनायक जिननाथ....स्वर्णे १.
सुरतरू चिंतामणी कामधेनु,
महिमा तणा निधान....स्वर्णे २.
ऊर्ध्व मध्य ने अधो लोकमां,
सुरनर महिमा गाय....स्वर्णे ३.