Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

< Previous Page   Next Page >


Page 146 of 253
PDF/HTML Page 158 of 265

 

background image
१४६ ][ श्री जिनेन्द्र
धन्य दिवसने धन्य घडी आज,
ऊग्यो सुवर्ण प्रभात....स्वर्णे ४.
श्री गुरुदेवना आतममांही,
प्रगटी सुमंगळ प्रभात....स्वर्णे ५.
रत्नत्रयसूर्य आजे प्रकाश्यो,
साधकनो ए साथ....स्वर्णे ६.
अज्ञान अंधारां गुरुजी टाळ्यां,
प्रकाश्या सम्यक् पंथ....स्वर्णे ७.
देवगुरु सुप्रभात प्रकाश्या,
साधकनो शणगार....स्वर्णे ८.
जिनशासनमां सुमार्ग प्रकाश्या,
स्पष्ट थया ए पंथ....स्वर्णे ९.
सेवक इच्छे तुज चरण सेवा,
निशदिन मंगळ प्रभात....स्वर्णे १०.
श्री जिनस्तवन
(महावीरा तेरी धूनमेंराग)
आज मारे रे आंगणीए श्री जिनवरजी पधार्या,
श्री जिनवरजी पधार्या श्री जिनवरजी पधार्या;
श्री जिनवरजी पधार्याआजे मारे. १.
सीमंधरनाथ आवो, तीर्थंकरदेव पधारो, (२)
जयनाद गगनमां गाजे, हैडां सेवकनां हरखेआज. २.