Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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१९८ ][ श्री जिनेन्द्र
ओ ओ ओ ओ कर्मरिपु के जेता,
ओ ओ ओ ओ निज स्वराज्य के नेता,
तव पावन पथ अनुगामी हों, गामी हो, हां गामी हों
बस यह विनय रख लाज प्रभु. तेरे दर्शन
दिन रात तेरा ही ध्यान लगा, मानव में आतम जयोति जगा,
घर घर में सत्य अहिंसा का,
‘सौभाग्य’ बजे सुख साज प्रभु. तेरे.
श्री जिनस्तवन
(तेरे नैनोंने चोरी किया, मेरा छोटा सा जिया)
तेरे चरणों से प्रीत लगा, मेरा हुलसा है जिया जिनेश्वरा
ओ तेरे चरणों से. टेक
स्वामी तेरे दर्शनमें यह न जाने क्या बात है,
आता जो भी द्वार तुम्हारे तजता नहीं फिर साथ है. तेरे.
हारे हैं जब गौतम गणधर तेरी महिमा गाने एं,
मेरी क्या सामर्थ प्रभु है, तुझको आज रिझाने में. तेरे
आतम द्रव्य पिछानूं अपना मिथ्या ममता त्यागूं मैं,
दुर्द्धर तप कर कर्म नशा फिर शिव के मारग लागूं मैं. तेरे.
जामनमरण नशा भव फेरी निजानंद पद पाऊं मैं,
जीवन का ‘सौभाग्य’ सफल कर झुक झुक शीश नवाऊं मैं.