Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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स्तवनमाळा ][ २०१
प्रभुका रूप अनूप सुहाया, निरखनिरख छबि हरि ललचाया,
कीने नेत्र हजार, जय जयकार, जय जयकार, जय जयकार.
जन्मोत्सव की शोभा भारी, देखो प्रभु की लगी सवारी,
जुड रही भीड अपार, जय जयकार, जय जयकार, जय जयकार.
आओ हम सब प्रभु गुण गावें,
सत्य अहिंसा ध्वज लहरावें,
जो जगमंगलकार, जय जयकार, जय जयकार, जय जयकार.
पुण्य योग ‘सौभाग्य’ हमारा, सफल हुआ है जीवन सारा;
मिले मोक्षदातार, जय जयकार, जय जयकार, जय जयकार.
श्री जिनस्तवन
(घर आया मेरा परदेशी)
प्रभु दर्शन कर जीवन की, भीड लगी मेरे कर्मन की. टेक
भव वन भमता हारा था, पाया नहीं किनारा था,
घडी सुखद आई सुवरण की, भीड भागी.....
शांत छबी मन भाई है, नैनन बीच समाई है,
दूर हटूं नहिं पल छिन भी, भीड भगी.....
निज पदका ‘सौभाग्य’ वरूं, अरु न किसी की चाह करूं,
सफल कामना हो मन की, भीड भगी.....