Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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दक्षिण दिश मानस्तंभ पास,
विजया वैजयंती नाम जास. १२
तहं जयंति अपराजिता जान,
दिश चारहु में क्रम सों बखान;
पश्चिम मानस्तंभ चहूं ओर,
अशोक सुप्रतिबुद्धाहि जोर. १३
है कुमुदा पुंडरिका सुजान,
दिश चारहु में क्रम सों बखान;
उत्तम मानस्तंभ चहुं ओर,
हृदया नंदा महनंद जोर. १४
सुप्रबुद्धा परभंकरी सुजान,
दिश चारहु में क्रमे सों बखान;
इमि सोलह वापी कही सार,
चारहु मानस्तंभ ओर चार. १५
है नीर मांहि नीरज फुलान,
मानहु निज नैना भू खुलान;
जिनराजविभव देखन अपार,
बहु नैन धारि कीन्हों शिंगार. १६
तिन कमलन पर जो अलि गुंजेत,
नैनांजनवत् बहु शोभ देत;
मणिमय पडी युत शोभदाय,
तह हंस चकव क्रीडा कराय. १७
स्तवनमाळा ][ २१७