Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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लै पंच रतनमय रंग महान,
किय मानस्तंभहि दीप्तमान. २३
जा लखतैं मानिन मान जात,
जुग हाथ जोरि शिर को नवात;
तासों मानस्तंभ जान नाम,
सार्थक कीन्हों शोभाभिराम. २४
विस्तार मूल सूची प्रमान,
नव शत नव्वे वसु धनुष जान;
छह सहस धनुष ऊंचा सुजान,
बारह योजन सों लखै मान. २५
जिमि पूरव दिश को है कहाहि,
तिमि दक्षिण पश्चिम उत्तराहि;
तिन कन्हईलाल सुत जोरि हाथ,
भगवानदास नमै नाय माथ. २६
(धत्तानंदा छंद)
मानस्तंभ माला अतिहि विशाला, जे भवि निज कं ठै धरई,
ते होंय खुशाला लहि शिवबाला, फेरि न या जगमें भ्रमई.
श्री गुरुदेवस्तवन
(ज्योति भक्तनी जगावराग)
धन्य धन्य श्री उमराळा गाम, प्रगट्या धर्मधुरंधर का’न;
तारा शा शा करुं सन्मान, जगमां सत्य प्रकाशनहार.
स्तवनमाळा ][ २१९