Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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ओगणीस छेतालीस वैशाखे, द्वितीय चंद्र सूर्य वारे,
झळहळ जगमां भानु प्रकाश जन्म्या का’नकुंवर गुरुराज;
माता उजमबा कुख नंद जन्म्यो, भारतनो आ चंदधन्य.
प्रभु निर्मळ बाळ लीलाए, तुं वधीयो विवेक भावे,
रहेतो अंतरथी उदास, अद्भूत एवी तारी वातधन्य.
कुंदामृत पान पीधां, निज आतम काज कीधां,
जिननी साची राखी टेक, जाग्यो सत्य सुकानी देव;
तारी महिमा अपरंपार, तारा शा करीए सन्मानधन्य.
प्रभु ज्ञान खजाना खील्या, तुज आतममांही प्रकाश्या,
दीपे बाह्यांतर गुरुराज, जगमां सत्य प्रकाशनहारधन्य.
शोभे जन्मभूमिनां स्थान, जन्म्या लाडीला गुरु कहान,
धन्य धन्य मातपिता कुळजात, जन्म्यो जगनो तारणहार;
मारो आतमनो आधार, जन्म्यो जगनो तारणहारधन्य.
सीमंधर सुत जन्म्या, गगनमां वाजां वाग्यां,
इन्द्रो आनंदमंगळ गाय, जन्म्या का’नकुंवरगुरुराज;
माता उजमबाना लाल, जय जयकार जगतमां आजधन्य.
जगमां बहु हतां अंधारां, सूझे नहि मारग साचा,
साथी साचो जाग्यो का’न, जगमां सत्य प्रकाशनहारधन्य.
प्रभु मंगळमूर्ति तमारी, दर्शन हर्ष अपारी,
वंदन होजो अगणित वार, जगमां सत्य प्रकाशनहारधन्य.
२२० ][ श्री जिनेन्द्र