Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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श्री गुरुदेवस्तवन
ब्हेनी आज आनंद मारे उर घणो,
नयने नीरख्या श्री सद्गुरुदेव, बलिहारी कुंवर कहानने०
प्रभुए जन्मभूमिने पावन करी,
धन्य उमराळानां अहोभाग्य...बलिहारी०
तात मोतीचंद मौक्तिक समा,
धन्य धन्य उजमबानी कुख...बलिहारी०
प्रगट्या कहान कुंवर तेने आंगणे,
पूर्णचंद्र समान जेनुं मुख...बलिहारी०
भ्रम टाळ्यो जगतनां जीवनो,
कर्यो ज्ञाननो पूर्ण प्रकाश...बलिहारी०
ताप त्रिविधमां तपता जीवने,
जेनां वचन किरण सुखराश...बलिहारी०
आवां अनुपम सुख अमने आपजो,
मागे ज्येष्ठ सदा तम दास...बलिहारी०
भावना
सफल हो धन्य धन्य वा धरी,
जब ऐसी अति निरमल होंसी परम दशा हमरी. टेक
धार दिगंबर दीक्षा सुंदर,
त्याग परिग्रह अरि.
स्तवनमाळा ][ २२१