Shri Jinendra Stavan Mala-Gujarati (Devanagari transliteration).

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श्री आदिनाथ जिनस्तवन
अमरनयरी सम नयरी अयोद्धा,
नाभिनरेन्द्र वसे जिन बुद्धा
सुरपति मेरु शिखर लई धरिया,
कनककलश क्षीरोदक भरिया.
तस पटराणी मरुदेवी माया,
युगपति आदि जिनेश्वर जाया,
सुरपति मेरुशिखर....
चैत मास अभिषेक जु करिया,
अष्टोतर शत कुंभ जु धरिया;
सुरपति मेरुशिखर....
भविकन जलधारा संचरिया,
ललित कलोल धरन ऊतरीया,
सुरपति मेरुशिखर....
जय जयकार सुरन ऊचरिया,
इन्द्र ईन्द्राणी सिंहासन धरिया;
सुरपति मेरुशिखर....
अंग अनंग विभूषण धरिया,
कुंडल हार हरित-मणि जडिया,
सुरपति मेरुशिखर....
२३० ][ श्री जिनेन्द्र