ॠषभ नाम शत मुख विस्तरिया,
कमलनयन कमलापति कहिया,
सुरपति मेरुशिखर.... ७
युगला धरम निवारण करिया,
सुर नर निकर गंधोदक भरिया;
सुरपति मेरुशिखर.... ८
रतन कचोल कुमारन भरिया,
जिन – चरणांबुज पूजत हरिया;
सुरपति मेरुशिखर.... ९
हिम हिमांशु चंदन घन सरिया,
भूरि सुगंध गंध परसरिया;
सुरपति मेरुशिखर.... १०
अक्षत अक्षत वास लहरिया,
रोहिणिकंत किरण समसरिया;
सुरपति मेरुशिखर.... ११
देखत रुचिकर अमर निकरियां,
पंच-मुष्टि जिन आगे धरिया;
सुरपति मेरुशिखर.... १२
सुंदर पारिजातक मोगरिया,
कमल बकुल पाटल कुमुदरिया;
सुरपति मेरुशिखर.... १३
स्तवनमाळा ][ २३१