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प्रदेश अने एक कालाणुद्रव्य ए प्रमाणे सर्व रहे छे. हवे ए आकाशनो प्रदेश एक पुद्गलपरमाणु बराबर छे. जो अवगाहनशक्ति न होय तो (ए प्रमाणे) शी रीते रहे?
अर्थः — जे सर्व द्रव्योने परिणाम करे छे ते काळद्रव्य छे अने ते एक एक आकाशना प्रदेशमां एक एक कालाणुद्रव्य वर्ते छे.
भावार्थः — सर्व द्रव्योने प्रतिसमय पर्याय ऊपजे छे अने विणसे छे; एवा परिणमनने निमित्तमात्र काळद्रव्य छे. लोकाकाशना एक एक प्रदेशमां एक एक काळाणु रहे छे अने ते निश्चयकाळ छे.
हवे कहे छे के — परिणमवानी स्वभावभूत शक्ति तो सर्व द्रव्योमां छे, त्यां अन्य द्रव्य निमित्तमात्र छेः —
अर्थः — सर्व द्रव्यो पोतपोताना परिणामोनां उपादानकारण छे अने अन्य बाह्य द्रव्य छे, ते अन्यने निमित्तमात्र जाणो.
भावार्थः — जेम घट आदिनुं माटी उपादानकारण छे अने चाक-दंडादि निमित्तकारण छे, तेम सर्व द्रव्यो पोतपोताना परिणामनां उपादानकारण छे अने काळद्रव्य निमित्तकारण छे.